देहरादून। उदयन शालिनी फेलोशिप के देहरादून चैप्टर द्वारा शनिवार को द एटलांटिस क्लब, चकराता रोड, देहरादून में “युवा नेतृत्व, सामुदायिक सेवा एवं उद्यमिता” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं अभिभावक बैठक का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शालिनियों में नेतृत्व कौशल, आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी तथा उद्यमिता की भावना को मजबूत करना था, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं परिचय सत्र से हुआ। इसके उपरांत अभिभावकों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. जी.एस. रावत ने विद्यार्थियों की प्रगति, शिक्षा तथा फेलोशिप की विभिन्न गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने एक बेहतर अभिभावक के गुणों पर भी प्रकाश डाला।
पूर्व शालिनी मेघा चौहान ने संस्था के साथ अपने जुड़ाव के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उदयन शालिनी फेलोशिप ने उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास में वृद्धि तथा नए अवसरों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में आदिमंतर रूरल एंड ट्राइबल डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक तरुण पंत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने युवा नेतृत्व, सामुदायिक सेवा और उद्यमिता के महत्व पर अपने विचार रखे तथा शालिनियों को स्वावलंबी बनने के गुर सिखाए। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में अपने कार्य अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उद्यमिता के माध्यम से इन समुदायों ने अपनी आर्थिक स्थिति कैसे मजबूत की।
एक्ज़ोलोटेल इंटरप्राइजेज की श्रुति कोटियाल एवं पूजा रुपैन ने स्टार्ट-अप, इवेंट मैनेजमेंट और जनसंचार जैसे क्षेत्रों में कैरियर के अवसरों तथा आगे बढ़ने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
आसरा ट्रस्ट से रोहित एवं सृष्टि नवानी ने ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर नरेन्द्र सिंह चौहान ने शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और समाज सेवा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बड़ी सोच रखते हुए रचनात्मक तरीके से कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।” अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने शालिनियों को आत्मविश्वास के साथ लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
चैप्टर संयोजक विमल डबराल ने उदयन शालिनी फेलोशिप की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने सपनों को साकार करने में करें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में उदयन शालिनी फेलोशिप देहरादून चैप्टर के सह-संयोजक डॉ. जी.एस. रावत, कोर कमेटी सदस्य दीपक अहलावत एवं ममता अहलावत, समन्वयक फरहा नाज़ एवं दीक्षा धीमान की सराहनीय भूमिका रही।
कार्यशाला में लगभग 250 से अधिक शालिनियां तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और उपयोगी सिद्ध हुआ।
उदयन शालिनी फेलोशिप लगातार लड़कियों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए कार्यरत है। ऐसी कार्यशालाएं युवा पीढ़ी को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।




