सेवा गांव में करंट लगने से दो अलग-अलग घटनाओं में दो खच्चरों की मौत, दो लोग घायल,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
पुरोला/सचिन नौटियाल
मोरी विकासखंड के सेवा गांव में विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मुकेश रमोला को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि जर्जर विद्युत लाइन और विभागीय उदासीनता के कारण एक माह के भीतर दो गंभीर हादसे हो चुके हैं। इन घटनाओं में दो लोगों के खच्चरों की मौत हो गई तथा दोनों व्यक्ति करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए। पीड़ितों को अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही विभाग ने लाइन को दुरुस्त किया है।
ग्रामीणों के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को सेवा गांव निवासी दिवान चंद करंट की चपेट में आकर घायल हो गए, जबकि उनका एक खच्चर मौके पर ही मर गया। घटना की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को दी गई। इसके बाद 21 जुलाई को लिखित शिकायत देकर लाइन ठीक करने तथा पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की गई, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग की लापरवाही के चलते 3 अगस्त को उसी स्थान पर एक और हादसा हो गया। इस बार देशराज करंट की चपेट में आ गए। उनके तीन खच्चरों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए। घायल व्यक्ति को ग्रामीण डंडी-कंडी के सहारे मोरी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि घटना की लिखित सूचना देने के बाद भी देर रात तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्युत समस्याओं की शिकायत करने पर विभागीय अधिकारी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। साथ ही पिछले एक-दो वर्षों से सेवा गांव के उपभोक्ताओं को नियमित बिजली बिल भी जारी नहीं किए गए हैं, जिससे लोगों पर एकमुश्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, उपचार सहायता तथा गांव की विद्युत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सेवा गांव के ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ पुरोला तहसील में धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान कमला देवी, निशा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।



