टोंस नदी एप्रोच पुल धंसने पर तीन अभियंता निलंबित
देहरादून। देहरादून-पांवटा साहिब पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टॉन्स नदी पर नव निर्मित पुल के एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोक निर्माण विभाग, प्रान्तीय खण्ड, देहरादून के तीन अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच आख्या में पाया गया कि डिज़ाइन कंसल्टेंट द्वारा रिवर डायवर्जन वर्क का डिज़ाइन उपलब्ध नहीं कराया गया। नदी की क्रॉस स्लोप और मीएंडरिंग नेचर को ध्यान में रखते हुए रिवर ट्रेनिंग के आवश्यक उपाय भी नहीं किए गए। इसके परिणामस्वरूप नदी का प्रवाह एक ही स्पान की ओर केंद्रित हो गया, जिससे एबटमेंट के अपस्ट्रीम में भारी स्कोरिंग हुई और एप्रोच रोड में कैविटी बनने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
टॉन्स नदी पुल के एप्रोच रोड धंसने पर जांच
अधिशासी अभियन्ता राजेश कुमार, सहायक अभियन्ता अमित त्यागी, तथा कनिष्ठ अभियन्ता नवीन गैरोला पर तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन और वरिष्ठ अधिकारियों को तकनीकी कमियों से अवगत कराने में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा। इनके कृत्य को शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही, पर्यवेक्षण में शिथिलता तथा दायित्वों के समुचित निर्वहन में गंभीर त्रुटि माना गया, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई और सार्वजनिक हित प्रभावित हुआ।
उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 (यथा संशोधित) के नियम-4(1) के तहत तीनों अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वे प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, देहरादून के कार्यालय में संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
इस बीच सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने 7 अगस्त 2026 को प्रमुख अभियंता को निर्देश दिया है कि सेतु को भविष्य में क्षति से बचाने के लिए सुझाए गए उपायों की समयबद्ध कार्य योजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



