मास्टर प्लान 2041 को राजभाषा हिंदी में प्रकाशित करने की मांग, अतिक्रमण हटाने के लिए टास्क फोर्स गठन का प्रस्ताव
देहरादून: संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून के शिष्टमंडल ने आज गढ़वाल आयुक्त एवं MDDA अध्यक्ष आनंद स्वरूप से मुलाकात कर देहरादून के मास्टर प्लान 2041 को राजभाषा हिंदी में प्रकाशित करने की मांग की। शिष्टमंडल ने शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं — ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, पार्किंग की कमी, प्रदूषण आदि — पर गंभीर चिंता व्यक्त की और विस्तृत सुझाव दिए।
आयुक्त की अनुपस्थिति में अपर आयुक्त उदय सिंह चौहान से सभागार में विस्तृत चर्चा हुई। शिष्टमंडल ने माननीय उच्च न्यायालय के 2018 के आदेश के क्रम में अतिक्रमण हटाने के लिए प्राधिकरण के नेतृत्व में पुनः टास्क फोर्स गठित करने की मांग की।
मुख्य मांगें:
• मास्टर प्लान 2041 को हिंदी में प्रकाशित किया जाए। उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम 2009 और विभिन्न शासनादेशों (2008, 2011, 2017) के अनुसार सभी सरकारी दस्तावेज देवनागरी लिपि में हिंदी में जारी करना अनिवार्य है।
• भूकंप प्रभावित क्षेत्रों को लाल रंग से स्पष्ट अंकित किया जाए।
• सड़कों के मानकों, पार्कों और आवासीय क्षेत्रों में पर्याप्त हरियाली का प्रावधान हो।
• आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को अलग-अलग स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए।
• रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
• जब तक मास्टर प्लान हिंदी में प्रकाशित नहीं होता, तब तक जनता से सुझाव/आपत्तियां लेना अन्यायपूर्ण होगा।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्या आशा डोभाल, सुशील त्यागी, प्रदीप कुकरेती, कर्नल बी.एम. थापा, देवेन्द्र पाल सिंह मौंटी, विनोद नौटियाल आदि ने कहा कि देहरादून के अधिकांश नागरिक हिंदी भाषी हैं, इसलिए अंग्रेजी में जारी प्लान पर जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना उचित नहीं है।
अपर आयुक्त का आश्वासन
अपर आयुक्त उदय सिंह चौहान ने शिष्टमंडल के सभी सुझावों को बिंदुवार सुना और उन्हें अमूल्य बताते हुए आश्वासन दिया कि ये सुझाव शीघ्र गढ़वाल आयुक्त के समक्ष रखे जाएंगे।
शिष्टमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:
कर्नल बी.एम. थापा, सुशील त्यागी, देवेन्द्र पाल सिंह मौंटी, एस.पी. चौहान, विनोद नौटियाल, दिनेश भण्डारी, आशा डोभाल, उमेश्वर सिंह रावत, अतुल कुमार गुप्ता, ठाकुर शेर सिंह, मोहन सिंह खत्री, पदमेन्द्र सिंह बर्त्वाल, मुकेश नारायण शर्मा, अवधेश शर्मा, प्रदीप कुकरेती आदि।




