कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने उत्तराखंड की पॉलीहाउस योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि Draithwet & Company को लगभग 112 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में पॉलीहाउस या तो अधूरे थे या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। माहरा का सवाल है कि यदि कार्य पूरा नहीं हुआ था, तो बिना पर्याप्त भौतिक सत्यापन, तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण के इतनी बड़ी राशि आखिर किस आधार पर जारी की गई?
मामला सामने आने के बाद कंपनी से लगभग 38 करोड़ रुपये वापस जमा कराए गए। लेकिन अब भी करीब 74 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर सवाल बाकी हैं। माहरा का कहना है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल वित्तीय लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
माहरा ने उठाए सवाल:
• भुगतान की मंजूरी किसने दी?
• निरीक्षण रिपोर्ट किस आधार पर तैयार हुई?
• जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
• किसानों के नाम पर चलने वाली योजना में जवाबदेही कौन तय करेगा?
करण माहरा ने मांग की है कि यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई, सरकारी धन की पूरी वसूली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का हिसाब देना ही होगा।



