आधी रात को नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरीं, नशा मुक्ति की मांग
मसूरी (रिपोर्टर धर्मेंद्र सिंह)। मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ओल्ड मसूरी रोड पर थानी गांव के निकट आधी रात को महिलाएं लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतर आईं। लंबे समय से यहां नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। देर रात तक नशेड़ी घूमते हैं, लोगों के घरों में घुसकर गांजा और भांग की मांग करते हैं। इससे महिलाओं का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है और बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पुलिस कभी-कभी गस्त लगाती है, लेकिन नशे के कारोबार में कोई खास कमी नहीं आई। आखिरकार स्थानीय महिलाओं को खुद आगे आना पड़ा। वे रात को सड़कों पर खड़ी होकर लाठी-डंडों के साथ नशे के आदी लोगों को खदेड़ रही हैं। महिलाओं में सूखे नशे को लेकर भारी आक्रोश है। वे शासन-प्रशासन से मांग कर रही हैं कि यहां लगातार पुलिस की गस्त लगाई जाए और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
दूर-दूर से लोग नशा खरीदने यहां आते हैं और आसानी से नशा उपलब्ध हो जाता है। स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। आए दिन लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज होती रहती है, जिससे महिलाएं बेहद परेशान हैं।
स्थानीय निवासी सुधा बधानी ने बताया कि यहां रहते हुए उन्हें छह वर्ष से अधिक हो गए हैं। पहले भी नशे का कारोबार चलता था, लेकिन अब महिलाओं ने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने का अभियान छेड़ दिया है। स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे भी नशे का सामान लेने आते हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। लड़ाई-झगड़े और गाली-गलौज के कारण बच्चों व महिलाओं को रहने में भारी दिक्कत हो रही है। उन्होंने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन नशा बेचने वाले महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। सुधा बधानी ने कहा कि जब तक यहां से नशे का कारोबार खत्म नहीं होगा, तब तक महिलाएं सड़कों पर बैठी रहेंगी और अपने स्तर से भी कार्रवाई करेंगी।
स्थानीय निवासी पुष्पा देवी ने बताया कि रात को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। खासकर महिलाओं और बच्चों पर नशेड़ियों द्वारा फब्तियां कसी जाती थीं। रात का माहौल बहुत खराब हो जाता था। इसके बाद महिलाओं को आगे आना पड़ा। पुलिस में शिकायत दी गई है और पुलिस सहयोग भी कर रही है। महिलाएं क्षेत्र को नशामुक्त घोषित कराने के लिए रात 12-1 बजे तक लाठी-डंडे लेकर खड़ी रहती हैं और अनजान लोगों को घुसने नहीं देतीं। उन्होंने बताया कि यहां के कुछ लोग नशे के कारोबार में लिप्त हैं। जब यहां से विरोध शुरू हुआ तो वे अन्य जगहों पर जाकर छोटे बच्चों को नशा बेचने लगे हैं।
इस मौके पर संगीता बिष्ट, पूनम, रोशनी, सरिता नेगी, दीपशिखा, अनीता आदि महिलाएं मौजूद रहीं।




