देहरादून, 12 जुलाई 2026। जिला प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने अपर नत्थनपुर निवासी दिव्यांग सुनील चंद्र के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। लंबे समय से सरकारी योजनाओं से वंचित रहे सुनील को अब दिव्यांगता प्रमाण पत्र, मासिक पेंशन, बैंक खाता और निःशुल्क व्हीलचेयर उपलब्ध हो गई है।
क्या था मामला?
29 जून को समाधान दिवस में व्हीलचेयर के सहारे पहुंचे सुनील चंद्र ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा, “साहब, मैं बहुत गरीब हूं। शरीर से लाचार हूं। आज तक मेरा दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। कोई सरकारी मदद नहीं मिलती, बस जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहा हूं।”
डीएम का सख्त और संवेदनशील रुख
दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनकर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तुरंत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सुनील को अपनी गाड़ी से कोरोनेशन अस्पताल ले जाकर उसी दिन मेडिकल जांच कर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया जाए। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को तहसील प्रशासन से समन्वय कर आय प्रमाण पत्र बनाने और पेंशन फाइल आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
त्वरित कार्रवाई
जिलाधिकारी के निर्देशों पर तुरंत अमल हुआ। मेडिकल जांच के बाद सुनील चंद्र को 45% दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। तहसीलदार सदर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र तैयार किया गया और अगस्त माह से दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कर दी गई।
जांच में पता चला कि सुनील का बैंक खाता भी नहीं है। प्रशासन ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया। बैंक कर्मचारी स्वयं सुनील के घर पहुंचे और उनके द्वार पर ही बैंक खाता खोल दिया गया। साथ ही उन्हें निःशुल्क व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई गई।
सुनील का आभार
प्रशासन की इस मदद से सुनील चंद्र भावुक हैं। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा, “आज लगा कि सरकार सचमुच गरीबों के द्वार पर खड़ी है।”




