स्कूल फीस में पारदर्शिता और अनावश्यक शुल्क पर लगे रोक
बच्चों की शिक्षा महंगी न हो, सुलभ हो: संजय कन्नौजिया
देहरादून। लगातार बढ़ती स्कूल फीस आज लाखों माता-पिता के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। फीस के अलावा एडमिशन, किताबें, यूनिफॉर्म, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं के नाम पर होने वाले खर्च से परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेसी नेता एवं समाजसेवी संजय कन्नौजिया ने माता-पिता से एकजुट होने और आवाज उठाने की अपील की है।
संजय कन्नौजिया ने कहा कि हर माता-पिता अपने बच्चे को बेहतर भविष्य देने के लिए अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। लेकिन शिक्षा लगातार महंगी होती रही तो आम परिवारों के लिए अच्छे स्कूल में पढ़ाना महज सपना बनकर रह जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी बच्चे का भविष्य उसके माता-पिता की आर्थिक क्षमता से तय होना चाहिए?
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस मां-बाप की है जो अपने बच्चे को बेहतर शिक्षा देना चाहता है। कन्नौजिया ने मांग की कि स्कूल फीस में पारदर्शिता हो, अनावश्यक शुल्क पर रोक लगे और शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर न जाए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा कोई विलासिता नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य की नींव है। संजय कन्नौजिया ने सभी माता-पिता से अपील की कि अगर वे भी मानते हैं कि शिक्षा महंगी नहीं बल्कि सुलभ होनी चाहिए तो इस आवाज को आगे बढ़ाएं और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एकजुट हों।




