चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
एनजीटी आदेश के संदर्भ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय पर तोड़फोड़ पर तत्काल रोक लगाने की मांग
देहरादून/चकराता। पूर्व मंत्री एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के संदर्भ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय पर हो रही अवैध अतिक्रमण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय, बरातघर, शौचालय एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तावित तोड़फोड़ पर रोक लगाने, स्थल का पुनः निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष मूल्यांकन करने तथा सत्यापन पूरा होने तक विद्यालय को न हटाने की अपील की।
बच्चों के भविष्य पर संकट
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्यालय के ध्वस्तीकरण से वर्तमान में यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे 300 से अधिक बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी। बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विद्यालय को सुरक्षित रखा जाए और उनके शिक्षा के अधिकार की रक्षा की जाए। दोनों विद्यालयों की ओर से भी इस आदेश के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।
नेताओं के बयान
चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े संस्थानों पर बिना पूर्ण सत्यापन और वास्तविक स्थिति का आकलन किए कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने और जनहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि विद्यालय, बरातघर और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं आम जनता की आवश्यकता हैं। यदि कहीं कोई विवाद है तो पहले निष्पक्ष जांच और पुनः सर्वे कराया जाए, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि प्रशासन को एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए। स्थानीय लोगों की बात सुनकर वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और आमजन की सुविधाएं प्रभावित न हों।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, विनोद प्रसाद भट्ट, अर्जुन पासी, ओमप्रकाश, राकेश आदि शामिल रहे।




