देहरादून, 13 जुलाई 2026। उत्तराखंड पुलिस कर्मियों की वर्षों से लंबित 4600 ग्रेड पे की न्यायपूर्ण मांग के समर्थन में आज राजधानी देहरादून में आयोजित “पुलिस अधिकार मार्च” शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मार्च में पुलिस परिवार, पूर्व सैनिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और पुलिस कर्मियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
प्रमुख मांग और बयान:
मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के जवान दिन-रात प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी लंबित 4600 ग्रेड पे की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
एडवोकेट संदीप चमोली ने कहा, “पुलिस जवान प्रदेश की रक्षा की पहली पंक्ति हैं। उनकी इस न्यायोचित मांग पर सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित निर्णय लेना चाहिए।”
सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उनके योगदान का उचित सम्मान करने के लिए इस मांग पर शीघ्र कार्रवाई जरूरी है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने जोर देकर कहा, “4600 ग्रेड पे किसी पर उपकार नहीं, बल्कि उत्तराखंड पुलिस के जवानों का न्यायपूर्ण अधिकार है। सरकार को बिना किसी विलंब के इस मांग को स्वीकार करना चाहिए। पुलिस का सम्मान ही राज्य का सम्मान है।”
सहभागिता:
इस अवसर पर सुराज सेवा दल, जन अधिकार पार्टी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, यूकेडी सैनिक प्रकोष्ठ, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय बजरंग दल, कांग्रेस, उत्तराखंड टाइगर फोर्स, काली सेना, देवभूमि युवा संगठन सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकजुट नजर आए।
प्रमुख उपस्थित:
• रमेश चंद्र जोशी (सुराज सेवा दल), सुमित अग्रवाल, हेमा भंडारी, नदीम, हसरत, कुर्बान अली, आशु अल्वी
• बॉबी पंवार, महिपाल पुंडीर, सुलोचना इष्टवाल, उमा सिसोदिया
• विवेक तिवारी, नवनीत कुकरेती, ललित श्रीवास्तव, भूपेश जोशी, आशीष नौटियाल
• सुभाष चौधरी, कृपाल सिंह, सनी गुप्ता आदि
आयोजकों ने सभी संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस परिवार, युवाओं, नागरिकों तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधियों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




